वंशानुक्रम के प्रमुख नियम और सिद्धांत

 

वंशानुक्रम का अर्थ होता है "माता-पिता या पूर्वजों से प्राप्त गुण, जैसे के जैसे गुण प्राप्त होते हैं और सम्मान के समान गुण प्राप्त होते हैं। माता-पिता या पूर्वजों के द्वारा हस्तानांतरित गुणों के मिश्रित समूह को वंशानुक्रम कहा जाता है"। इससे संबंधित परिभाषाएं निम्न है - विलियम वुडवर्थ के अनुसार "वंशानुक्रम में वह सभी बातें आ जाती है जो जीवन का आरंभ करते समय व्यक्ति में उपस्थित होती है"। जेम्स ड्रेवर के अनुसार "माता-पिता द्वारा शारीरिक मानसिक विशेषताओं का संतानों में संक्रमित होना वंशानुक्रम कहलाता है"।

वंशानुक्रम के प्रमुख नियम

वंशानुक्रम के प्रमुख नियम है जो कि निम्न प्रकार हैं

  1. समानता का नियम - इस नियम के अनुसार बच्चों में अपने माता पिता के समान होने की प्रवृत्ति पाई जाती है
  2. भिन्नता का नियम - माता पिता के पूर्वजों से हटकर संतानों में गुण पाए जाते हैं।
  3. प्रत्यागमन का नियम - इस नियम के अनुसार माता-पिता के विपरीत या उसके पूर्वजों का कोई भी गुण विकसित होना।
  4. चयनित गुणों का नियम - इस नियम के अनुसार संतान में माता-पिता के कुछ ही गुणों का स्थानांतरित होते हैं जैसे कि मानवीय गुण संतान में स्थानांतरण नहीं होते हैं।

वंशानुक्रम के प्रमुख सिद्धांत

#1 जनन द्रव्य की निरंतरता का सिद्धांत

यह सिद्धांत बीज मेन द्वारा दिया गया था। मानव के शरीर के निर्माण करने वाला जनन द्रव्य कभी नष्ट नहीं होता है। निरंतर रूप से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में स्थानांतरित होता है।

#2 उपार्जित गुणों के असंचरण का सिद्धांत

यह सिद्धांत भी बीज मेन द्वारा दिया गया था। माता-पिता या पूर्वजों द्वारा अर्जित किया गया गुण या कौशल संतान में स्थानांतरण नहीं होता है, जैसे माता-पिता डॉक्टर है तो जरूरी नहीं है कि संतान भी डॉक्टर ही बने।

#3 उपार्जित गुणों के संचरण का सिद्धांत

यह सिद्धांत लेमार्क द्वारा दिया गया था। माता-पिता या पूर्वजों द्वारा अर्जित गुण भी संतान में स्थानांतरण होते हैं।

#4 जीव सांख्यिकी का सिद्धांत

यह सिद्धांत गाल्टन द्वारा दिया गया था। इस सिद्धांत के अनुसार संतान में माता-पिता का कोई गुण स्थानांतरित ना होकर उसके पूर्वजों का गुण स्थानांतरित होता है।

#5 डार्विन का सिद्धांत

यह सिद्धांत डार्विन द्वारा दिया गया था। इस सिद्धांत के अनुसार शरीर के जिस अंग का उपयोग नहीं होता है, वह अंग धीरे-धीरे विलुप्त होता जाता है।

वंशानुक्रम का प्रभाव

  1. शारीरिक लक्षणों का प्रभाव - यह प्रभाव कार्ल पीयरसन द्वारा दिया गया था। मानव के शारीरिक लक्षण वंशानुक्रम की देन है।
  2. बुद्धि पर प्रभाव - बुद्धि जन्मजात होती है इसके समर्थक फ्रांसिस डाल्टन, मार्टिन कालिका का अध्ययन
  3. व्यवसाय की योग्यता पर प्रभाव - जेम्स मेककीन केटल द्वारा दिया गया। वंशानुक्रम का व्यवसायिक योग्यता पर भी प्रभाव पड़ता है।
  4. सामाजिक स्थिति पर प्रभाव - विनशिप ने अमेरिका के रिचर्ड एडवर्ड के परिवार पर अध्ययन किया, इसकी पत्नी एलिजाबेथ थी और संतान उपराष्ट्रपति बनी।
  5. स्वभाव पर प्रभाव मूल प्रवृत्ति संवेद भावनाएं आदि पर वंशानुक्रम का प्रभाव पड़ता है।

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